रामनवमी पर रांची में अलर्ट, 25 संवेदनशील प्वाइंट चिन्हित, ड्रोन से की जा रही निगरानी
रामनवमी को लेकर झारखंड की राजधानी रांची के शहरी और ग्रामीण इलाकों में शनिवार से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है. 12 डीएसपी, 40 इंस्पेक्टर, 300 दारोगा और 3500 जवानों को विभिन्न इलाकों में तैनात किया गया है. पुलिस ने शहर के 20 थाना क्षेत्रों में ड्रोन से निगरानी की व्यवस्था की है. प्रत्येक थाना प्रभारी को ड्रोन मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. डोरंडा, मेन रोड, कांके, नगड़ी, रातू, पिठौरिया, बुढ़मू, मांडर और बरियातू जैसे संवेदनशील इलाकों में 25 से ज्यादा प्वाइंट चिन्हित किए गए हैं, जहां जवानों को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं.
भड़काऊ गानों पर सख्त प्रतिबंध
रांची प्रशासन ने भड़काऊ गानों पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है और धार्मिक जुलूसों में शांति बनाए रखने की अपील की गई है. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है, क्योंकि सोशल मीडिया पर आजकल काफी भड़काऊ चीजें पोस्ट की जाती हैं, जिन्हें वायरल होने में कुछ मिनट लगते हैं.
CCTV कैमरों से 24 घंटे हो रही निगरानी
सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए सीआरपीएफ की दो कंपनियों को तैनात किया गया है. इसके अलावा 40 जगहों पर क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) को मुस्तैद रखा गया है, जिनका जरूरत पड़ने पर तुरंत इस्तेमाल होगा. राजधानी में 400 से ज्यादा जगहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है. कंट्रोल रूम में तीन शिफ्ट में पुलिसकर्मी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं. कहीं भी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत संबंधित थाने को सूचित किया जा रहा है.
रामनवमी जुलूस और मंदिरों की व्यवस्था को लेकर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने निरीक्षण किया. उन्होंने हेहल मंडप टोली मंदिर, दक्षिणमुखी बजरंगबली मंदिर, पिस्का मोड़, पंडरा महावीर मंदिर और निवारणपुर स्थित तपोवन मंदिर का दौरा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.
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