UGC Notification: विदेशी डिग्रियों को मिलेगी अब जल्दी मान्यता, UGC ने शुरू की नई प्रक्रिया
UGC Notification: अब विदेश से पढ़ाई करके लौटने वाले लाखों छात्रों को डिग्री की मान्यता के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा. UGC ने एक नई तकनीक आधारित और पारदर्शी प्रक्रिया शुरू की है. UGC के मुताबिक इससे विदेशी स्कूलों और कॉलेजों की डिग्रियों को जल्दी और साफ तरीके से मान्यता मिल सकेगी. UGC के मुताबिक ये कदम इसलिए खास है क्योंकि नई शिक्षा नीति 2020 के तहत भारत को पढ़ाई के लिए एक ग्लोबल हब बनाना है. भारत को विदेशी छात्रों को आकर्षित करना है, तो पहले जरूरी है कि दूसरे देशों की डिग्रियों को भी सही तरीके से मान्यता दें.
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विदेशी डिग्रियों की भारत में बढ़ेगी मान्यता
इस संबंध में शनिवार को यूजीसी ने एक नोटिफिकेशन भी जारी किया है, जिसमें ये कहा है कि यूजीसी ने साल 2021 के जुलाई में शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. जो इंटरनेशनल लेवल पर प्रासंगिक कोर्स, विदेशा में भारतीय शैक्षणिक संस्थानों का ब्रांड निर्माण, विदेशी यूनिवर्सिटी के साथ अकादमिक और रिसर्च, टि्वनिंग व्यव्स्था के अंतगर्त क्रेडिट मान्यता, वैश्विक नागरिकता, दृष्टिकोण और पूर्व विदेशी स्टूडेंट्स के साथ जुड़ने जैसी गतिविधियों की शुरुआत की है.
विदेशी यूनिवर्सिटी को भारत में लाने की कोशिश
यूजीसी ने भारतीय और विदेशी हायर एजुकेशन संस्थान के बीच ट्विनिंग, डुअल डिग्री और कंबाइड डिग्री 2022 देने के लिए एकैडमिक सहयोग के संबंध में अधिसूचना जारी किया है. इसमें नेशनल हायर एजुकेशन के लिए एक ढांचा विकसित किया है. विदेशी शिक्षा संस्थानों से प्राप्त विदेशी डिग्री की मान्यता और समतुल्यता देने वाले नियमों को यूजीसी विनियम 2025 कहा जाएगा.
ये विदेशी संस्थानों द्वारा मेडिकल, नर्सिंग, लॉ, और वास्तुकला जैसे विषयों में प्रदान की गई व्यवसायिक अहर्ताओं और भारत में संबंधित परिषदों के मानदंडों द्वारा विनियमित ऐसी अन्य अहर्ताओं पर लागू नहीं होंगे. ये अधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन की तारीख में प्रवृत होंगे.
विदेशी शिक्षा संस्थानों से प्राप्त अहर्ताओं को मान्यता देने और समतुल्यता देने की शर्ते
किसी विदेशी शिक्षा संस्थान से प्राप्त अहर्ता को समतुल्यता प्रमाण पत्र देने के लिए मान्यता दी जाएगी.
अहर्ता, किसी विदेशी शैक्षणिक संस्थान द्वारा दी गई है तो जिसे उसके गृह देश में लागू कानूनों के अधीन विधिवत मान्यता प्राप्त हो.
समतुल्यता प्रदान करने के लिए आवेदन ने ऐसी विदेशी शिक्षा संस्थान द्वारा विनिदिर्ष्ट मानदंडों और मानकों के अनुसार अहर्ता प्राप्त करने के लिए कोर्स का अनुसरण किया हो.
ऐसे कोर्स में एडमिशन के लिए एडमिशन की जरूरत भारत में स्टडी के समकक्ष कार्यक्रम के समान हों.
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